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यह एक यात्रा वृतांत का अंश हैं। जिसमें लेखक ने अपनी 'श्री माता वैष्णो देवी यात्रा' का वर्णन किया है। श्री माता वैष्णो देवी का दर्शन इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य है, उसके साथ ही हर व्यक्ति को पृथ्वी पर जीवनयापन करते समय अपने जीवन को अधिक सफल और स्वस्थ जीवन के लिए अनेक दर्शनीय, धार्मिक, ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक स्थलों की यात्रा करना जरूरी है।
हमारी वर्तमान पीढ़ी के युवा अपनी उच्च शिक्षा या अन्य उद्देश्यों के लिए पूरी दुनिया घूमते हैं, लेकिन हमारे ही देश में स्थित कई तीर्थस्थलों के दर्शन नहीं करते है और उन तीर्थ स्थलों की जानकारी भी हमारे आधुनिक युवाओं के लिए दुर्लभ है, क्योंकि व्यक्ति का आज के इस व्यस्त जीवन में अपना और अपने परिवार के लिए समय निकालना मुश्किल है। लेकिन जीवन को सफल, तनाव रहित और आनंदी बनाना चाहते हो तो समय मिलते ही अपने परिवार, मित्रों के साथ या समूह के साथ यात्रा पर जाने से व्यक्ति के जीवन में नई ऊर्जा का संचार होता है, मन-मस्तिष्क प्रसन्न होता है, थकान और कुछ दुख-दर्द भी कम हो जाते हैं।
लेखक ने स्वयं वन विभाग के अधिकारी के रूप में कार्य करने के कारण विस्तृत भूमि देखी है; विशाल समुद्र देखा है। वनस्पति संपदा की सुंदरता का अनुभव किया है। पशु जगत में भी प्रवेश किया है। कला, साहित्य, संस्कृति, संगीत की विविधताओं का अच्छी तरह से अनुभव किया है। यह कृति इसका प्रमाण है। व्यक्ति के स्वच्छ मन से किसी यात्रा पर जाने का निश्चय करने पर ईश्वर भी आपके इस कार्य को सफल बनाने के लिए आपके साथ खड़े रहते हैं। श्री माता वैष्णो देवी की यात्रा का वर्णन बहुत ही सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास है। इसे पढ़ते समय ऐसा लगता है कि हम स्वयं यात्रा पर गए थे और वापस आ गए। विवरणों की समृद्धि, स्थानीय पुराणों की विभिन्न प्रकार के पौराणिक कथाएँ और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यात्रियों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए इसका उल्लेख किया है।
Book Details:
Author: K. V. Lakshmana Murthy, K. B. Mulla
Publisher: Motilal Banarsidass Publishing House
Edition: 1st
Publication Year: 2025
Pages: 122
Language: Hindi
Size: 5.5" x 8.5"

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यह एक यात्रा वृतांत का अंश हैं। जिसमें लेखक ने अपनी 'श्री माता वैष्णो देवी यात्रा' का वर्णन किया है। श्री माता वैष्णो देवी का दर्शन इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य है, उसके साथ ही हर व्यक्ति को पृथ्वी पर जीवनयापन करते समय अपने जीवन को अधिक सफल और स्वस्थ जीवन के लिए अनेक दर्शनीय, धार्मिक, ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक स्थलों की यात्रा करना जरूरी है।
हमारी वर्तमान पीढ़ी के युवा अपनी उच्च शिक्षा या अन्य उद्देश्यों के लिए पूरी दुनिया घूमते हैं, लेकिन हमारे ही देश में स्थित कई तीर्थस्थलों के दर्शन नहीं करते है और उन तीर्थ स्थलों की जानकारी भी हमारे आधुनिक युवाओं के लिए दुर्लभ है, क्योंकि व्यक्ति का आज के इस व्यस्त जीवन में अपना और अपने परिवार के लिए समय निकालना मुश्किल है। लेकिन जीवन को सफल, तनाव रहित और आनंदी बनाना चाहते हो तो समय मिलते ही अपने परिवार, मित्रों के साथ या समूह के साथ यात्रा पर जाने से व्यक्ति के जीवन में नई ऊर्जा का संचार होता है, मन-मस्तिष्क प्रसन्न होता है, थकान और कुछ दुख-दर्द भी कम हो जाते हैं।
लेखक ने स्वयं वन विभाग के अधिकारी के रूप में कार्य करने के कारण विस्तृत भूमि देखी है; विशाल समुद्र देखा है। वनस्पति संपदा की सुंदरता का अनुभव किया है। पशु जगत में भी प्रवेश किया है। कला, साहित्य, संस्कृति, संगीत की विविधताओं का अच्छी तरह से अनुभव किया है। यह कृति इसका प्रमाण है। व्यक्ति के स्वच्छ मन से किसी यात्रा पर जाने का निश्चय करने पर ईश्वर भी आपके इस कार्य को सफल बनाने के लिए आपके साथ खड़े रहते हैं। श्री माता वैष्णो देवी की यात्रा का वर्णन बहुत ही सरल भाषा में पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास है। इसे पढ़ते समय ऐसा लगता है कि हम स्वयं यात्रा पर गए थे और वापस आ गए। विवरणों की समृद्धि, स्थानीय पुराणों की विभिन्न प्रकार के पौराणिक कथाएँ और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यात्रियों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए इसका उल्लेख किया है।
Book Details:
Author: K. V. Lakshmana Murthy, K. B. Mulla
Publisher: Motilal Banarsidass Publishing House
Edition: 1st
Publication Year: 2025
Pages: 122
Language: Hindi
Size: 5.5" x 8.5"
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