
Sold by
Motilal Banarasidas Publishing House
Visit Store →
इस पुस्तक में महाकवि संत श्री तुलसीदास जी के द्वारा अवधि में लिखे गये रामचरित मानस के एक अध्याय सुन्दरकांड का काव्यात्मक हिन्दी अनुवाद किया गया है। जिसमें माता सीता को खोजने के लिए हनुमानजी द्वारा समुन्द्र पार कर लंका पहुँचने तथा लंका दहन और माता सीता के संबंध में श्री राम को सूचना प्राप्त होने तथा समुन्द्र मार्ग तक उल्लेख है। इसके रूपान्तरण में छंद, दोहा, चौपाई तथा सोरठा के वर्णों की संख्या एवं मात्रा का ध्यान रखा गया है। साथ ही हनुमान चालीसा तथा अन्य आरतियों का हिन्दी अनुवाद किया गया है।
Book Details:
Author: Maneesh Keshav Barve
Publisher: Motilal Banarsidass Publishing House
Edition: 1st
Publication Year: 2026
Pages: 150
Language: Hindi
Size: 4.75" x 7"

Sold by
Motilal Banarasidas Publishing House
Visit Store →
इस पुस्तक में महाकवि संत श्री तुलसीदास जी के द्वारा अवधि में लिखे गये रामचरित मानस के एक अध्याय सुन्दरकांड का काव्यात्मक हिन्दी अनुवाद किया गया है। जिसमें माता सीता को खोजने के लिए हनुमानजी द्वारा समुन्द्र पार कर लंका पहुँचने तथा लंका दहन और माता सीता के संबंध में श्री राम को सूचना प्राप्त होने तथा समुन्द्र मार्ग तक उल्लेख है। इसके रूपान्तरण में छंद, दोहा, चौपाई तथा सोरठा के वर्णों की संख्या एवं मात्रा का ध्यान रखा गया है। साथ ही हनुमान चालीसा तथा अन्य आरतियों का हिन्दी अनुवाद किया गया है।
Book Details:
Author: Maneesh Keshav Barve
Publisher: Motilal Banarsidass Publishing House
Edition: 1st
Publication Year: 2026
Pages: 150
Language: Hindi
Size: 4.75" x 7"
Based on 0 Reviews
Based on 0 Reviews