
अन्धकार से प्रकाश की ओर - Andhkar Se Prakash Ki Aur
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अंधकार से पà¥à¤°à¤•ाश की ओर†यू बी तिवारी जी की तीसरी पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• है जो पतंजलि योग दरà¥à¤¶à¤¨ की हिंदी में सरल वà¥à¤¯à¤¾à¤–à¥à¤¯à¤¾ है। यह पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• योग की कई à¤à¥à¤°à¤¾à¤‚तियों को दूर करती है और योग को सही अरà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में समà¤à¤¾à¤¤à¥€ है । à¤à¤¾à¤·à¤¾ सरल है और पाठकों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ गà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥à¤¯ है। आशा है इस पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• से पाठक गण अवशà¥à¤¯ लाà¤à¤¾à¤¨à¥à¤µà¤¿à¤¤ होंगे ।
शà¥à¤°à¥€ यू बी तिवारी जी ने सनॠ1970 में IT BHU से Civil Engineering में ME (Hons) पास करने के पशà¥à¤šà¤¾à¤¤ सिंचाई विà¤à¤¾à¤— में सहायक अà¤à¤¿à¤¯à¤‚ता के पद पर कारà¥à¤¯à¤à¤¾à¤° गà¥à¤°à¤¹à¤£ किया । लगà¤à¤— पैंतीस वरà¥à¤· अनवरत कारà¥à¤¯ करते हà¥à¤ आप चीफ़ इंजीनियर के पद से सिंचाई विà¤à¤¾à¤— से रिटायर हà¥à¤à¥¤ आपने विà¤à¤¾à¤— के अनेक महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ परियोजनाओं का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ कराया। वह सदा ही विà¤à¤¾à¤—ीय इंजीनियरिंग कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के अतिरिकà¥à¤¤ देश के अतà¥à¤¯à¤‚त गौरवशाली इतिहास à¤à¤µà¤‚ पौराणिक गà¥à¤°à¤‚थों के अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ - अनà¥à¤¶à¥€à¤²à¤¨ में जिजà¥à¤žà¤¾à¤¸à¥ रहे । समय-समय पर इनके अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ और अनà¥à¤¶à¥€à¤²à¤¨ की अनà¥à¤à¥‚तियाठअनेक पतà¥à¤°-पतà¥à¤°à¤¿à¤•ाओं में पà¥à¤°à¤•ाशित होतीं रहीं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने वेद, पà¥à¤°à¤¾à¤£, à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ इतिहास, कौटिलà¥à¤¯ à¤à¤µà¤‚ दरà¥à¤¶à¤¨ शासà¥à¤¤à¥à¤° का गहन अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ किया। इनकी लिखी कहानी à¤à¤¾à¤°à¤¤ की साहितà¥à¤¯ जगत की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ित मैगज़ीन, “कादंबिनी†में à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ाशित हà¥à¤ˆ है। नदियों की सफ़ाई à¤à¤µà¤‚ कैनाल से संबंधित टेकà¥à¤¨à¤¿à¤•ल लेख à¤à¤µà¤‚ अनà¥à¤¯ सम-सामायिक लेख दैनिक जागरण à¤à¤µà¤‚ अनà¥à¤¯ समाचार पतà¥à¤°à¥‹à¤‚ में पà¥à¤°à¤•ाशित हà¥à¤ और होते रहे हैं। वे देश काल समाज के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अतà¥à¤¯à¤‚त संवेदनशील रहे और सदैव उनकी मदद में अपना à¤à¤°à¤ªà¥‚र योगदान देते रहे । इस कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ की रकà¥à¤·à¤¾ के लिठसरकार से वृकà¥à¤· मितà¥à¤° की उपाधि à¤à¥€ दी गई।उनकी पà¥à¤°à¤¥à¤® पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• “महासागर की कौड़ियाà¤â€ तथा दूसरी पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• “महासागर की लहरें †हैं जो बहà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤šà¤²à¤¿à¤¤ हà¥à¤ˆ और सराही गईं हैं ।
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