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Motilal Banarasidas Publishing House
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मुंबई पहुँचने के बाद MAAsterG प्रतिदिन सुबह चार बजे प्रकृति में जाने का इंतजार करते थे, नींद तो उनकी एक दो घंटे में ही पूरी हो जाती थी और वो अपने में खोए हुए चलते-चलते अपने घर के पास स्थित जॉगर्स पार्क पहुँच जाते थे । वहाँ समुंदर के सामने वे अपने गुरु के प्रति उमड़ते प्रेम को शब्दों में उतारते थे, जिन्हें "भाव" कहा जाता है। इन भावों को संकलित कर लिखा गया है ताकि पाठक उन्हें पढ़ें, समझें और एक भक्त के अपने गुरु, अपने ईश्वर के प्रति सच्चे प्रेम का अनुभव कर सकें। ये भाव प्रतिदिन चार माह की अवधि में लिखे गए हैं, जिन्हें आगे प्रकाशित किया जाएगा।
Book Details:
Author: MAAsterG
Publisher: Motilal Banarsidass Publishing House
Edition: 1st
Publication Year: 2026
Pages: 73
Language: Hindi
Size: 4.75" x 7"

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